पहाड़ी पंचायत सैलो पिक्कड़ के हाईस्कूल नौ कक्षाओं के विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं का बेहद अभाव है। इस स्कूल में तीन कमरों में नौ कक्षाएं चलती हैं और इन्हें पढ़ाने का जिम्मा चार अध्यापकों के कंधों पर है।
सरपंच जरनैल सिंह, गुड्डू सिंह, विद्या देवी, हंसराज आदि ने बताया कि सैलो हाई स्कूल की दशा देखकर कोई भी पढ़ा लिखा दंपत्ति वहां अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए नहीं भेजेगा।
उन्होंने कहा कि स्कूल में तैनात चार अध्यापकों में से एक मिड डे-मील और अन्य स्कूली कामों की जिम्मेदारी निभाता है। बाकी बचे तीन शिक्षक ही स्कूल के 115 बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं।
ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाए। पहाड़ी पंचायत एवं मॉडल टाउन विलेज धार महानपुर में आज भी सुविधाओं का भारी अभाव है।
इस आदर्श गांव में खंड विकास विभाग ने बस अड्डा तथा रोशनी के लिए 15 सोलर लाइटें लगवाई थी। देखरेख के अभाव में इनमें से 11 सोलर लाइटें एक साल से खराब हैं।
पूर्व सरपंच सदानंद शर्मा, करतार सिंह, हंसराज, राकेश आदि ने बताया कि खंड विकास विभाग ने मॉडल टाउन पर करीब एक करोड़ की राशि खर्च की थी। लेकिन आज यह माडल टाउन अपने हाल पर आंसू बहा रहा है।