अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी व अन्य
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कश्मीर में अलगाववादियों और व्यवसायियों की आतंकी फंडिंग की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सरकार से साइबर सुरक्षा एजेंसी की मदद ली है। हाल ही में एनआईए ने अलगाववादियों और व्यवसायियों के कई ठिकानों पर छापे मारे गए थे जिसमें उनके यहां से एजेंसी ने कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए थे।
एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम-इंडिया (सीईआरटी-आईएन) के पास 22 लैपटॉप और कंप्यूटर, 100 मोबाइल और लगभग 200 पेन ड्राइव व मेमोरी स्टिक्स भेजे गए ताकि वे इसकी डुप्लीकेट कॉपी या बैकअप बना लें।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सीईआरटी-आईएन को उपकरणों में मौजूद डाटा से संबंधित तकनीकी सूचनाओं को भी दे दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सीईआरटी-आईएन से छापे के दौरान जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में से डिलीट की जा चुकी सूचनाओं को निकालने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि साइबर संगठन द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद एनआईए अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।