सैयद मोहम्मद युसूफ शाह जिसे कि आमतौर पर सैयद सलाहूद्दीन के नाम से जाना जाता है। वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का मुखिया है जो कश्मीर घाटी से अपने ऑपरेशन को अंजाम देता है। वह हिजबुल से पहले एंटी-इंडिया आतंकी समूह जिहाद काउंसिल का अध्यक्ष रह चुका है। उसने कसम खाई थी कि वह कश्मीर मुद्दे पर किसी भी तरह की शांति स्थापना वाले कार्यों को सफल नहीं होने देगा। घाटी में और ज्यादा आत्मघाती हमलावरों को ट्रेनिंग देगा और कश्मीर को भारतीय सेना का कब्रिस्तान बना देगा। 26 जून 2017 को अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने उसे विशेष नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। हालांकि इस घोषणा के बाद वह मुजफ्फराबाद के सेंटर प्रेस क्लब में पाकिस्तानी मीडिया से बात करता हुआ नजर आया था। उसने कहा था कि यह घोषणा अमेरिका, इजरायल और भारत की पाकिस्तान के प्रति शत्रुता दिखाती है।
सलाहुद्दीन भारत में हुए कई आतंकी हमलों में शामिल रहा है। जनवरी 2016 को पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के पीछे भी उसके संगठन यूनाइडेट जिहाद काउंसिल का हाथ था। जैश-ए-मोहम्मद भी सलाहुद्दीन के ही संगठन का हिस्सा है। उसकी आतंकी गतिविधियों की वजह से 26 जून 2017 को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने उसे वैश्विक आतंकियों की सूची में डाल दिया था।
क्या करता है सलाहुद्दीन का बेटा?
सलाहुद्दीन का बड़ा बेटा सैयद शकील अहमद श्रीनगर के शेरे कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में मेडिकल असिस्टेंट है। दूसरा बेटा जावेद युसूफ बडगाम में ही जोनल एजुकेशन ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर है। तीसरा बेटा शाहिद युसूफ श्रीनगर में कृषि विभाग में काम करता था। चौथा बेटा वाहिद युसूफ श्रीनगर के शेरे कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में डॉक्टर है। पांचवां बेटा सैयद मुईद कंप्यूटर इंजीनियर है।
इससे पहले भी एनआईए सलाउद्दीन के एक बेटे को गिरफ्तार कर चुकी है। पिछले साल NIA ने सैयद शाहिद को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।