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NIA Raids : जम्मू कश्मीर में आतंकी तंत्र के खिलाफ 32 ठिकानों पर छापा, कारतूस... आपत्तिजनक सामग्री बरामद

Fri, 06 Jun 2025 12:45 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू कश्मीर में वीरवार को आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 32 स्थानों पर छापे मारे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू कश्मीर में वीरवार को आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 32 स्थानों पर छापे मारे। इस दौरान कुछ कारतूस, डिजिटल उपकरणों सहित काफी आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। एनआईए अधिकारी ने बताया कि टीमों ने जम्मू-कश्मीर को अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनके सहयोगियों द्वारा आतंकी साजिश के खिलाफ अपनी जारी जांच के हिस्से के रूप में कश्मीर भर में कई जगहों पर छापे मारे और तलाशी ली।

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उन्होंने बताया कि आज की कार्रवाई के तहत केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में 32 स्थानों पर छापे मारे गए। ये स्थान हाइब्रिड आतंकवादियों और ओवरग्राउंड वर्करों के आवासीय परिसर थे, जो पाकिस्तान स्थित संगठनों - द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू और कश्मीर (यूएलएफजेएंडके), मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (एमजीएच), जम्मू और कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (जेकेएफएफ), कश्मीर टाइगर्स, पीएएएफ और अन्य से जुड़े हैं। यह सभी संगठन प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों - लस्कर-ए-ताइबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), अल-बद्र आदि से जुड़े हैं।

अधिकारी ने बताया कि जिन हाइब्रिड आतंकवादियों और ओवरग्राउंड वर्करों के परिसरों की तलाशी ली गई, वे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए एनआईए की जांच के दायरे में हैं। उन्होंने बताया कि यह सभी आतंकवादियों की मदद करने, स्टिकी बम/मैग्नेटिक बम, आईईडी, धन, मादक पदार्थ और हथियार/गोला-बारूद का संग्रह और वितरण करने जैसी सहायता प्रदान करते थे। 
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एनआईए की जांच के अनुसार पाकिस्तान में अपने आकाओं द्वारा समर्थित यह सभी संगठन स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर और ओवरग्राउंड वर्करों को जुटाकर जम्मू-कश्मीर में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए आतंक और हिंसा की वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। अधिकारी ने बताया कि जांच से पता चला है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी सोशल मीडिया/ऑनलाइन ऐप का इस्तेमाल आतंक को बढ़ावा देने के लिए कर रहे थे। वे कश्मीर घाटी में अपने गुर्गों और कैडरों को हथियार/गोला-बारूद, विस्फोटक, नशीले पदार्थ आदि पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे थे।

गौरतलब है कि अधिकारी ने बताया कि आज ली गई तलाशी के दौरान 2 जिंदा कारतूस, 1 गोली का खाली खोखा और 1 बायोनेट (राइफल के आगे लगने वाला चाकू/खंजर) बरामद किया गया। इसके अलावा तलाशी में एनआईए ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डेटा और दस्तावेजों वाले कई डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं। आतंकवादी साजिश के विवरण को उजागर करने के लिए एजेंसी द्वारा इनकी गहन जांच की जाएगी। एनआईए मामले में अपनी जांच जारी रखे हुए है।

जमात-ए-इस्लामी से जुड़े व्यक्ति के घर पर आपत्तिजनक सामग्री बरामद
इससे पहले पुलिस ने सोमवार को जमात-ए-इस्लामी से जुड़े अब्दुल रजाक हजाम के घर पर तलाशी अभियान चलाया। अब्दुल रजाक सोपोर जिले के हजाम मोहल्ला, दर्दपोरा जालोरा का रहने वाला है। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज है।

तलाशी के दौरान प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बरामद कर आगे की जांच के लिए जब्त कर ली गई। सोपोर पुलिस ने कहा है कि यह कार्रवाई अलगाववाद, कट्टरपंथ और सार्वजनिक शांति और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए खतरा बन सकने वाली गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों और नेटवर्क को चिह्नित करने और प्रभावी कार्रवाई करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे कानून का सम्मान करें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
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