नगरोटा हमले की जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है, क्योंकि आतंकियों को इस हमले में स्थानीय स्तर पर समर्थन मिलने की आशंका है। इस हमले में सुरक्षा को भी एक चूक माना जा रहा है। इसकी भी जांच हो सकती है। हमले में कई और कारण सामने आ रहे हैं, जिसकी जांच की जा सकती है।
आतंकियों का पांच-छह दिन तक इस हमले की प्लानिंग करना, भारतीय सीमा में उनके लिए पुलिस की वर्दी सिलना। आतंकियों को भारत निर्मित सामान मिलना आदि जांच के विषय हैं। आतंकियों के लिए वर्दी सिलने वाले टेलर, आतंकियों को सामान देने वाले व्यक्ति की तलाश के लिए तमाम सुरक्षा एजेंसियां जुट गई हैं।
आतंकियों को मिली मदद ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। उधमपुर के नरसू हमले की तरह ही इस हमले में कुछ स्थानीय लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। इस हमले की जांच करने के बाद एनआईए ने कई लोगों को नपा था। इसमें ट्रक चालक से लेकर आतंकियों के लिए सामान खरीदने वाले शामिल हैं। आतंकियों को नगरोटा तक पहुंचाने वाले शख्स की तलाश से ही इस हमले के पत्ते खुलेंगे।