वहां पूछताछ के बाद उन्हें एनआईए के हवाले कर दिया गया। एनआईए की ओर से बताया गया कि तारिक एक टिप्पर ड्राईवर है। शुरुआती पूछताछ में उसने यह खुलासा किया कि लेथपोरा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले से पूर्व हमले को अंजाम देने वाले आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार, पाकिस्तानी आतंकी और आईईडी एक्सपर्ट मोहम्मद उमर फारूक, पाकिस्तानी आतंकी कामरान, पुलवामा के जैश आतंकी समीर अहमद डार और एक अन्य पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद इस्माइल उर्फ इब्राहिम उर्फ अदनान द्वारा उसका घर इस्तेमाल किया गया था।
बता दें कि उमर और कमरान हमले के बाद सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में मार गिराए गए थे। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि तारिक ने इन आतंकियों को अपने घर में पनाह दी थी। उनके द्वारा इस आत्मघाती हमले की साजिश वहीं पर रची गई थी। इतना ही नहीं आत्मघाती हमलावर आदिल का वीडियो भी तारिक के घर पर रिकॉर्ड किया गया था जिसे जैश द्वारा हमले के तुरंत बाद जारी किया गया था।
अधिकारी के अनुसार तारिक की बेटी इनशा द्वारा घर पर इन सभी आतंकी को खाना-पीना व अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती रही हैं। हमले से पूर्व वर्ष 2018 और 2019 के दौरान यह आतंकी उनके घर पर करीब 15 बार रह चुके हैं। हर बार दो से चार दिन वह वहां पर रहते थे। एनआईए की जांच में यह बात भी सामने आई है कि इनशा लगातार टेलीफ ोन और अन्य सोशल मीडिया एप्लिकेशन के जरिये पाकिस्तानी आतंकी और आईईडी एक्सपर्ट मोहम्मद उमर फारूक के संपर्क में थी।
अब तक इस हमले में एनआईए द्वारा कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सबसे पहले एनआईए द्वारा शारिक मागरे को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। एनआईए के सूत्रों के अनुसार जांच में यह बात भी सामने आई है जिस दिन आदिल ने आत्मघाती हमले को अंजाम दिया उस दिन मागरे ही वह गाड़ी चला रहा था और घटनास्थल से करीब 500 मीटर पहले उतर गया था। सूत्रों के अनुसार वह मागरे ही था जो सीआरपीएफ के इस काफि ले को ट्रैक कर रहा था। मागरे की हाजिबल पुलवामा में एक फ र्नीचर की दुकान है।