कोविड इमरजेंसी रिस्पांस पैकेज के तहत लगाए गए कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के विरोध में आक्रोश बरकरार है। बुधवार को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू के बाहर एनएचएम कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन जारी रख कर आवाज बुलंद की है।
कर्मियों ने कहा कि उनकी सेवाओं को बहाल रखने के लिए मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जीएमसी प्रशासन ने उनकी तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जिससे वे बेरोजगार हो गए हैं। इस बीच विभिन्न राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने भी कर्मियों के आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी बहाली पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बता दें कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान इन कर्मचारियों को आपात स्थिति में अनुबंध पर लगाया गया था। तीन माह की सेवाएं लेने के बाद इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, लेकिन इनके विरोध को देखते हुए उपराज्यपाल के निर्देश पर एनएचएम कर्मचारियों की सेवाओं को तीन महीने के लिए बहाल कर दिया था। वर्तमान में कोविड पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया है। इस कारण इनमें से कई कर्मियों की सेवाएं फिर से समाप्त कर दी गई हैं। हालांकि इन कर्मियों में से कई न्यायालय चले गए हैं।