रियासत के लोगों को मिलावटखोरों से बचाने के लिए खाद्य पदार्थों की जांच करने और सैंपल उठाने की पावर राज्य सरकार ने नगर निगम से छीन ली है। नगर निगम जम्मू और श्रीनगर के हेल्थ अफसर दुकानों, फैक्टरी या स्टोर से सैंपल नहीं उठा सकेंगे।
त्योहारों के दिनों में खाद्य पदार्थों की दुकानों पर इनका दूर-दूर तक वास्ता नहीं रहेगा। ऐसा जम्मू एवं कश्मीर, फूड सेफ्टी विभाग के आयुक्त ने डी-नोटिफाई का आदेश जारी करके किया है।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने अदालत में जनहित याचिका दायर की थी कि दुकानों से सैंपल उठाने तथा छापामारी करने की व्यवस्था को ‘अंडर वन अंबरेला’ सिस्टम के तहत लाया जाए, ताकि काम पहले से बेहतर तरीके से हो सके।
लोकल बॉडीज और नगर निगम से यह पावर ड्रगएंड फूड कंट्रोलर को सौंपी जाएगी, इस पर हाईकोर्ट ने विचार-विमर्श करने के बाद सरकार को डी-नोटिफाई का आदेश जारी करने के निर्देश दिए थे।
इस संबंध में बाकायदा जेएंडके फूड सेफ्टी कमिश्नर ने 24 अक्टूबर, 2014 को आदेश निकाला था, जिसमें श्रीनगर के हेल्थ अफसरों तथा जम्मू म्यूनिसिपल कारपोरेशन के अधिकारियों को डी-नोटिफाई कर दिया गया है।
अब हेल्थ अफसर छापामारी या सैंपल नहीं उठा पाएंगे। आदेश में यह भी लिखा गया है कि जम्मू में यह व्यवस्था असिस्टेंट फूड कंट्रोलर मदन मंगोत्रा के पास होगी, जबकि श्रीनगर में यह पावर असिस्टेंट फूड कमिश्नर हिलाल अहमद को दी गई है।
पावर छिन जाने के कारण हेल्थ अफसर खुद को बेकार महसूस कर रहे हैं, क्योंकि पांच माह में कोई सैंपल या छापामारी नहीं की गई है।