राज्यपाल की तरफ से अटैचमेंट रद्द करने के आदेश जारी किए जाने के बाद से ही सरकारी शिक्षकों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। कभी प्रदर्शन किए जा रहे हैं तो कभी बैठकें।
रविवार को जम्मू कश्मीर टीचर्स फोरम जम्मू ने रिसेप्शन सेंटर रेजिडेंसी रोड जम्मू में प्रेस वार्ता करके सरकार से मांग की कि स्कूलों में खाली पदों को भरने के साथ अटैचमेंट रद्द करने का आदेश वापस लिया जाए। साथ ही मांग पूरी न होने पर आंदोलन छेड़ने की भी चेतावनी दी।
सुबह करीब 11 बजे प्रेस वार्ता में बात रखते हुए फोरम के महासचिव गणेश खजूरिया ने कहा कि करीब तीन वर्ष पहले टीचर ग्रेड के शिक्षकों को प्रमोशन देकर मास्टर बनाकर किश्तवाड़, डोडा, राजोरी, रियासी, उधमपुर और अन्य कई जिलों में भेजा गया था।
शिक्षकों ने ट्रांसफर का कार्यकाल पूरा किया। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी थी कि इनको ट्रांसफर करके अपने जिलों में भेजना था, लेकिन शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर के बजाय अटैच कर दिया। राज्यपाल के नए आदेश के बाद अब उनकी अटैचमेंट को भी रद्द कर दिया गया है।
यह उनके साथ अन्याय हुआ है। इसको किसी कीमत पर भी सहन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सैकड़ों मास्टर ग्रेड के शिक्षक लेक्चरर बनाए जाने हैं। इनको प्रमोशन देकर लेक्चरर बनाया जाना है। यह मामला भी अभी तक अधर में ही लटका हुआ है।
प्रेस सेक्रेटरी रविंद्र सिंह ने कहा कि अभी तो शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्या को सरकार व अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। अगर तीन दिन में इसको लेकर कोई निर्णय नहीं लिया तो जल्द एक बैठक करके आंदोलन छेड़ने को लेकर बैठक करके रणनीति तैयार की जाएगी।