आयरन की गोलियों के ओवरडोज से दो बच्चों की कथित मौत के बाद एक बार फिर से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जा रही आयरन गोली पर सवाल उठे हैं। शिक्षकों को मिड-डे-मील के साथ विद्यार्थियों को आयरन की गोली खिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
जबकि शिक्षक विद्यार्थियों को एक साथ कई गोलियां घर ले जाने के लिए दे रहे हैं। सोमवार को चीफ एजूकेशन आफिसर ने जेडईओ के साथ बैठक करके आयरन गोली वितरण प्रणाली को लेकर समीक्षा की और जरूरी कदम उठाने के दिशा-निर्देश दिए।
2014 में उधमपुर में आयरन गोली के ओवर डोज से बच्चे की कथित मौत का मामला सामने आया था। इसमें भी शिक्षकों ने आयरन की गोलियां विद्यार्थियों को घर ले जाने को दी थीं। अब 2015 में रविवार को रामबन में दो बच्चों की मौत का मामला सामने आया है।
इसमें भी आयरन की गोली के ओवर डोज की बात कही जा रही है और शिक्षकों ने आयरन की गोलियां विद्यार्थियों को घर ले जाने के लिए दी थीं। शिक्षा विभाग ने दोनों स्कूलों के हेडमास्टर को निलंबित करके कार्रवाई तो कर दी है, लेकिन अन्य जिलों में शिक्षा विभाग इसको लेकर सतर्क हो गया है।