यमुना एक्सप्रेस वे की तरह अमृतसर से कटड़ा तक एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा। इसकी दूरी लगभग 270 किलोमीटर होगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसका निर्माण किया जा रहा है।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसे सिद्धांतत: मंजूरी दे दी है। डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने इस आशय का प्रस्ताव परिवहन मंत्री को दिया था।
अमृतसर से माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा तक एक्सप्रेस वे बन जाने से दोनों धार्मिक स्थलों के बीच सफर न केवल आसान होगा, बल्कि कम समय भी लगेगा।
लगभग ढाई सौ किलोमीटर वाले इस एक्सप्रेस वे का ज्यादातर हिस्सा जम्मू-कश्मीर में पड़ेगा। लिहाजा राज्य सरकार की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
पठानकोट से लेकर अमृतसर वाले हिस्से के लिए पंजाब सरकार को एनओसी देना होगा। सूत्रों का कहना है कि प्रस्ताव के मंजूर होते ही एलाइनमेंट तय किया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार भूमि अधिग्रहण की औपचारिकता पूरी की जाएगी।
यह सब काम होने के बाद कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इतना ही नहीं एक्सप्रेस वे बनने के बाद पंजाब तथा जम्मू कश्मीर के बीच व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।