महाराजा गुलाब सिंह ने वर्ष 1837 में हर आठ किलोमीटर की दूरी पर मंदिरों का निर्माण करवाया था। आज उन मंदिरों में से ही एक 179 साल पुराना ऐतिहासिक राम मंदिर अपने वजूद को बरकरार रखने की लड़ाई लड़ रहा है और अपने रखरखाव की बाट जोह रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बार्डर स्थित आक्ट्राय पोस्ट पर महाराजा ने राम मंदिर का निर्माण करवाया था। आक्ट्राय पोस्ट को वाघा बार्डर की तर्ज पर विकसित करने के मकसद से कई विकास कार्य किए गए।
पर्यटन विभाग ने सुंदर-सुंदर इमारतें खड़ी कर दीं, ताकि यहां देशभर से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर, रेस्तरां जैसी सहूलियतें पर्यटन विभाग ने यहां मुहैया करवाई हैं। हालांकि मंदिर का रखरखाव करने वाले जेएंडके धर्मार्थ ट्रस्ट ने भी भोजनालय की व्यवस्था की है, लेकिन मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं हो पाया।