मंदिरों का शहर जम्मू बुरी तरह से तपने लगा है। भीषण गर्मी के साथ लू के थपेड़ों से सड़कें सूनी पड़ने लगी हैं। चढ़ता पारा पसीने छुड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। पारे की सुई के लगातार ऊपर जाने से इंसानों के साथ जीव जंतु भी बेहाल होने लगे हैं। श्रीनगर में कल तेज हवाओं और आंधी के बीच हलकी बूंदाबांदी से कुछ राहत मिली।
यहां अगले चौबीस घंटों में मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर हलकी बारिश की आशंका जताई है, लेकिन जम्मू में मौसम साफ रहने से गर्मी से कोई निजात नहीं मिलेगी। लेह में भी मौसम खुश्क रहेगा। तापमान बढ़ने से जम्मू और श्रीनगर में पारा सामान्य से फिर ऊपर चला गया है। हालांकि आगामी 23 मई से राज्य में पश्चिमी विक्षोभ से मौसम दोबारा खराब हो सकता है।
गुलमर्ग न्यूनतम 4.5 तापमान के साथ सबसे सर्द चल रहा है। रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज हवाओं के साथ आसमान से हलका पानी बरसा। ठंडी हवाओं के साथ शाम को मौसम सुहावना हो गया था।
यहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री ऊपर 25.7 डिग्री और न्यूनतम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन दूसरी ओर से जम्मू में तीसरे दिन भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पाई।