एक तो उमस भरी गर्मी, ऊपर से बिजली और पानी की किल्लत। शनिवार को लोगों को कुछ इस तरह की स्थिति ने खूब तड़पाया। हायतौबा भी मची। बावजूद इसके स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। हर आधे-पौने घंटे के बाद बिजली गुल होती रही। तवी किनारे धोंथली फिल्ट्रेशन प्लांट में सिल्ट जमने से साफ-सफाई के कार्य के चलते पुराने शहर में पेयजल की भी भारी समस्या रही।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गर्मी की वजह से बिजली ढांचे पर ओवरलोड बढ़ने और बिजली की मांग और उपलब्धता में भारी अंतर के चलते बिजली की अघोषित कटौती होती रही। इसके अलावा उमस में बिजली ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड से इनके जलने की समस्या में भी इजाफा हो गया है। इस वजह से भी लोगों को बिजली कटौैती का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश होने पर ढांचे पर ओवरलोड में कमी आने पर ही बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार आ पाएगा। नहीं तो इस तरह के हालात का सामना करना ही पड़ेगा। तवी फिल्ट्रेशन प्लांट में सिल्ट जमा होने और अन्य जरूरी मरम्मत कार्य की वजह से धोंथली, पक्की ढक्की, मस्त गढ़, जुल्लाका मोहल्ला, कच्ची छावनी, उस्ताद मोहल्ला, नारायण मोहल्ला, फत्तू चौगान आदि इलाकों में पेयजल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा।
पीएचई विभाग मेकेनिकल अर्बन सर्किल के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सुनील गुप्ता का कहना है कि हाल ही में ऊपरी इलाकों में बारिश से तवी नदी में जल स्तर बढ़ने पर प्लांट में सिल्ट जमा हो गई। इस वजह से पेयजल आपूर्ति की क्षमता पर असर पड़ा है। सिल्ट की साफ-सफाई का काम चल रहा है और यहां से पेयजल आपूर्ति में हलका सुधार भी आया है। रविवार को भी काम चलेगा।
उम्मीद है कि रविवार शाम के बाद क्षमता के अनुसार पेयजल आपूर्ति होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पेयजल आपूर्ति का विवेकपूर्ण तरीके से प्रयोग करें।