श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की नीतियों के खिलाफ लंगर लगाने वाले लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि अगर बोर्ड अधिकारियों ने अपने अड़ियल रवैये में नरमी लाकर नए नियमों में संशोधन नहीं किया तो इस बार यात्रा के दौरान वे लंगर नहीं लगाने पर सोच सकते हैं। उन्होंने बालटाल, दोमेल, चंदनबाड़ी से कई लंगर शिफ्ट करने के फैसले का विरोध किया है।
लंगर स्थल पर दस से अधिक यात्रियों को ठहराने के लिए कैंप निदेशक से अनुमति लेने के निर्णय की भी खिलाफत की है। लुधियाना से पंजीकृत कार्यालय श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गनाइजेशन (साबलो) से महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि बोर्ड की ओर से इस बार बालटाल से सात, दोमेल से दो और चंदनबाड़ी से दो लंगरों को यात्रा रूट से शिफ्ट किया जा रहा है।
साबलो हर साल बालटाल और पहलगाम रूट पर सौ से अधिक लंगर लगाकर शिव भक्तों की सेवा कर रहा है, लेकिन इस बार एक फरमान जारी करके उन्हें लंगर स्थल पर दस से अधिक यात्रियों को ठहराने के लिए कैंप निदेशक से अनुमति लेने को कहा जा रहा है। ऐसे में वे यात्रियों की सेवा करेंगे या अनुमति के लिए भटकेंगे।
गत चार मार्च को हुई बैठक में बोर्ड अधिकारियों ने अपने अड़ियल रवैये को अपनाए रखा और लंगर वालों की कोई सुनवाई नहीं की गई।