फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाक सैन्य कैंपों और बंकरों को छोड़ घरों में छिपे आतंकी

विज्ञापन
विज्ञापन
नियंत्रण रेखा पर खामोश होकर बैठे आतंकियों की खामोशी का कारण पता चल गया है। पिछले एक महीने से इस खामोशी पर मंथन करने में जुटी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को पुख्ता सूचना मिली है।
विज्ञापन


एलओसी पर शांत होकर बैठे आतंकियों ने घुसपैठ की नई रणनीति बनाई है। भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों से बचने और खुद को अंडरग्राउंड करने के चलते आतंकियों ने यह नया प्लान बनाया है।

इसके तहत आतंकियों ने एलओसी के पास अपने ठिकाने बदल दिए हैं। पाकिस्तानी सैन्य कैंपों, बंकरों और ठिकानों में छुपे रहने वाले आतंकियों ने अब पीओके में स्थित घरों में पनाह ले ली है।
विज्ञापन


यहां से वह घुसपैठ की रणनीति बना रहे हैं। आतंकियों की संख्या पहले से भी अधिक बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियों के पास इसकी पुख्ता सूचना पहुंची है।
Trending Videos

खाने-पीने और संचार नेटवर्क का पूरा बंदोबस्त

एलओसी पर घुसपैठ में लगातार असफल होने और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से बचने के चलते आतंकियों ने यह सब किया है। वहीं आतंकियों की इस नई रणनीति पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और सेना ने भी नजर रखना शुरू कर दिया है।

राजोरी, पुंछ, बारामुला, सोपोर आदि की एलओसी पर 300 से अधिक आतंकी बैठे हुए हैं।

आतंकवादी घुसपैठ करने के लिए पाकिस्तानी सैन्य कैंपों, बंकरों और यूनिटों में रहते थे। अब आतंकी पीओके में स्थित स्थानीय घरों में पनाह लिए हुए हैं। यहां पर उनको सब कुछ मिल रहा है।

आतंकियों के पास घुसपैठ का पूरा सामान है। हथियारों से लेकर खाने-पीने और संचार नेटवर्क का पूरा बंदोबस्त है। एक घर में तीन से चार आतंकी रह रहे हैं।

यदि इनके बारे में कोई पूछने आता है तो लोग इन्हें अपने रिश्तेदार बता रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के पास इसकी पूरी जानकारी पहुंची है।
विज्ञापन

ठिकाना बदलने की जरूरत क्यों पड़ी

दरअसल, सैन्य कैंपों, बंकरों और यूनिटों में रुकने से आतंकियों की हर एक गतिविधि की भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के पास जानकारी पहुंच जाती थी।

इनकी गतिविधियां एजेंसियों की निगरानी में आ जाती थी। जब आतंकी घुसपैठ की तैयारी करते तो सफल नहीं हो पाते। इसलिए अब खुद को एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए यह रणनीति बदली।

पिछले दो महीने से एलओसी पर आतंकियों ने अपनी गतिविधियां पूरी तरह से बंद कर दी हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें