जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को कोविड के नए प्रारूप ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी। एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल) दिल्ली ने जम्मू क्लस्टर में ओमिक्रॉन के तीन मामलों की पुष्टि की है। दो महिलाएं तालाब तिल्लो बोहड़ी और एक छात्रा बनतालाब क्षेत्र से संक्रमित मिली है।
तीनों में से किसी का भी विदेश यात्रा का इतिहास नहीं है। तीनों बिना लक्षण वाले संक्रमित थे, लेकिन दिल्ली से रिपोर्ट में देरी आने के कारण आशंका है कि इन तीनों से संक्रमण आगे फैल गया है। इन पीड़ितों के सैंपल जांच के लिए 30 नवंबर को दिल्ली भेजे गए थे।
वहीं, प्रदेश में ओमिक्रॉन के मामलों की पुष्टि के बाद अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार से प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर आरटी-पीसीआर कोविड परीक्षण अभियान चलाया जाएगा। स्थानीय स्तर पर नए प्रारूप के जो मामले मिल रहे हैं उनके इतिहास में अधिकांश शादी विवाह समारोह में शामिल होने के बाद संक्रमण की चपेट में आए। लेकिन उनके गंभीर लक्षण न होने के कारण वे सीधे पकड़ में नहीं आ सके।
आरटी-पीसीआर परीक्षण में संक्रमित मिलने के बाद ऐसे संक्रमितों के रैंडम सैंपल परीक्षण के लिए निरंतर दिल्ली भेजे जा रहे हैं। दिल्ली से रिपोर्ट मिलने में देरी से कोविड प्रबंधन तंत्र को तत्काल सक्रिय बनाना चुनौती बना हुआ है। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज ने ओमिक्रॉन के तीनों मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि वैरिएंट को फैलने को रोकने के लिए सभी उचित कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए प्रदेश स्तर पर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। संदिग्ध और संक्रमित मामलों की निगरानी बढ़ाई गई है। आरटी-पीसीआर कोविड परीक्षण क्षमता बढ़ाई जा रही है।