राज्य परिवहन निगम अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने हेतु धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए चलने वाली बसों की संख्या बढ़ाएगा। उन स्थलों पर भी सेवा शुरू होगी, जहां अभी सिर्फ निजी वाहन चलते हैं।
दरअसल, निगम की मौजूदा आर्थिक स्थिति का दारोमदार धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए चलने वाली बसों पर ही है। इसलिए निगम यहां बसों की संख्या बढ़ाना चाहता है। इसके लिए केंद्र से विशेष बसों की मंजूरी मांगी गई है। डेढ़ सौ से दो सौ नई बसें मांगी गई हैं।
परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने बताया कि केंद्र से बात की गई है। मौजूदा समय में एसआरटीसी के पास चलने वाली बसों की संख्या 300 के करीब है, लेकिन इनमें दो सौ बसें ही सही तरह से चलती हैं, बाकी मरम्मत के कारण रोटेशन में चलती है।
40 से 50 बसें कटड़ा के लिए चलती हैं। कुछ इंटर स्टेट और पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए चलती हैं। निगम को सबसे अधिक आय कटड़ा जाने वाली बसों से होती है। यूं कहा जा सकता है कि निगम की कुल आय में कटड़ा की बसों का हिस्सा 40 फीसदी तक का है।
इसलिए निगम यहां चलने वाली बसों की संख्या बढ़ाएगा। इसके अलावा शहादरा शरीफ, शिवखोड़ी जैसे पर्यटन स्थलों पर चलने वाली इक्का-दुक्का बसों की संख्या में इजाफा किया जाएगा। केंद्र को प्रस्ताव बनाकर सौंपा गया है। जल्द ही बसों का नया फ्लीट मिल जाएगा। पत्नीटाप, मानसर, सुरुईंसर, सनासर, कश्मीर के पर्यटन स्थलों के लिए भी बसें लगाई जाएंगी।