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वैष्णो देवी: नोटबंदी की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट का नया रिकार्ड

Tue, 29 Nov 2016 06:15 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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माता वैष्‍णो देवी यात्रा - फोटो : file photo
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देश में नोटबंदी का सीधा प्रभाव वैष्णो देवी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर भी देखने को मिल रहा है। पिछले दस वर्षोें में पहली बार ऐसा हुआ कि एक दिन में भक्तों की संख्या नवंबर महीने में आठ से दस हजार के बीच लगातार चल रहा है। जबकि सामान्य हालात में इन दिनों भक्तों की संख्या हमेशा बीस हजार से अधिक चलती रही है।
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पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 24 नवंबर वीरवार को आठ हजार के करीब यात्रियों का पंजीकरण किया गया था। जबकि शुक्रवार 25 नवंबर को 10 हजार के करीब यात्रियों ने ही भवन में माथा टेका था।

शनिवार देर शाम तक कक्ष के बंद होने में कुछ घंटे पहले तक भक्तों की संख्या मात्र आठ हजार तक ही पहुंच पाई थी। मगर शनिवार और रविवार छुट्टी होने के कारण आंकड़ा बारह हजार तक पहुंच सकता है।
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नोटबंदी और सीम पर तनाव बने वजह

vaishno devi - फोटो : File Photo
पिछले दस वर्षों के आंकड़े पर अगर नजर डालें तो नोटबंदी के चलते इन दिनों पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि एक दिन में भक्तों की संख्या आठ हजार का आंकड़ा तक पहुंच रही है। इससे पहले वर्ष 2008 में 13 अगस्त को अमरनाथ जमीन आंदोलन के दौरान सबसे कम छह हजार के करीब यात्रियों ने प्राकृतिक पिडिंयों के दर्शन किए थे।

जबकि उसके बाद कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि यात्रा में इतनी अधिक गिरावट रही हो। यात्रा में इस गिरावट से धर्मनगरी के व्यवसाय पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। हर कोई भारी मंदी से परेशान है।अमूमन हर वर्ष यात्रियों की सबसे कम संख्या जनवरी और फरवरी महीने में रहती है। उस दौरान भी हर रोज आठ से दस हजार के करीब यात्री दर्शन करते रहे हैं।

हर वर्ष नवंबर महीना यात्रियों की संख्या में नजरिये से सामान्य रहता है। जबकि इस वर्ष गर्मी शुरू होते ही पहले कश्मीर के हालात सामान्य ना होने के कारण और फिर बार्डर पर गोलाबारी और अब देश में नोटबंदी के चलते हालात ने वैष्णो देवी के दरबार में माथा टेकने वालों की संख्या में भी भारी गिरावट लाई है।
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