सूत्र की मानें तो ये इस्तीफे मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर दबाव बनाने के लिए लिए गए हैं। महबूबा के दबाव में ही रसाना कांड के मामले में भाजपा के दो मंत्रियों चौधरी लाल सिंह और श्री प्रकाश गंगा को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना पड़ा था।
सूत्रों के अनुसार पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई आपात बैठक में भाजपा के मंत्रियों, विधायकों व पदाधिकारियों ने रसाना कांड के अलावा अन्य मुुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इसमें विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की गई और भाजपा के सभी मंत्रियों ने सामूहिक इस्तीफा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा को सौंपा।
हालांकि नाम न छापने की तर्ज पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि मंत्रियों के सामूहिक इस्तीफा देने का असली कारण। 27 अप्रैल से पहले दो नए मंत्रियों सहित भाजपा के अन्य मंत्रियों के विभागों में फेरबदल या कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करना है।
तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को राज भवन में राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से तमाम अहम मसलों पर बात की जिसमें मौजूदा घटनाक्रम के अलावा रसाना काण्ड भी शामिल है।
सूत्र कहते हैं कि राज्यपाल ने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि रसाना मामले में रोजाना मुकदमे की सुनवाई होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में कानून और व्यवस्था को बाधित करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
राज्यपाल ने महबूबा मुफ्ती के साथ स्थानीय निकायों और पंचायतों के काफी समय से लंबित चुनावों से संबंधित के मुद्दों पर भी चर्चा की। साथ ही प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए सख्त और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने पर बल दिया।दिल्ली में हालिया बैठकों के बारे में जानकारी दी। राज्य में विकास कार्यों के बारे में भी बताया।
उप मुख्यमंत्री को उद्योग एवं वाणिज्य, वन विभाग का प्रभार
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उद्योग एवं वाणिज्य तथा वन एवं पर्यावरण विभाग का अतिरिक्त प्रभार उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल कुुमार सिंह को सौंपा है। उपमुख्यमंत्री वर्तमान में बिजली और आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रभारी हैं।
ज्ञात हो कि रसाना मामले में आरोपियों के पक्ष में आयोजित रैली में शामिल होने के चलते उद्योग मंत्री रहे चंद्र प्रकाश गंगा तथा वन मंत्री चौधरी लाल सिंह का पार्टी ने इस्तीफा ले लिया था। सोमवार को राज्यपाल ने दोनों मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए थ्रे।