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कठुआ गैंगरेप: 28 अप्रैल को अगली सुनवाई, आरोपी सांझी राम ने की नार्को टेस्ट कराने की मांग

Mon, 16 Apr 2018 11:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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kathua - फोटो : amar ujala
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कठुआ रेप केस में मुख्य आरोपी सांझी राम समेत सभी सातों आरोपियों की सोमवार को कोर्ट में पेशी हुई। मीडिया से बातचीत करते हुए आरोपी सांझीराम ने नार्को टेस्ट कराने की मांग भी की। उसने कहा कि नार्को टेस्ट से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। 
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कोर्ट में सभी आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताया है। नाबालिग ने कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है।

कोर्ट में पेशी के बाद आरोपियों के वकील अंकुर शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने चार्जशीट की कॉपी सभी आरोपियों को सौंपने का निर्देश दिया है। हम नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।


वहीं आरोपी सांझी राम की बेटी ने कहा है कि यह सब तालिब हुसैन ने षड्यंत्र रचा है। उस बच्ची का कोई रेप नहीं हुआ। उसका मर्डर हुआ है। उस मर्डर की जांच सीबीआई करे। तभी यह केस हल हो पाएगा। नहीं तो निर्दोष लोग ही फंसेंगे। 
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आरोपियों को कोर्ट में पेशी के लिए लाती पुलिस
उल्लेखनीय है कि रसाना गांव की 8 वर्षीय बच्ची दस जनवरी को लापता हुई थी, जिसके बाद 17 जनवरी को उसका शव गांव के ही नजदीक जंगल से बरामद हुआ था। पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाने के बाद एसआईटी का गठन हुआ, जिसके बाद विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ।

इसके बाद मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। फरवरी के पहले सप्ताह से गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो गया और क्राइम ब्रांच द्वारा रसाना कांड के मास्टरमाइंड बताए गए सांझी राम ने भी मार्च के दूसरे पखवाड़े में आत्मसमर्पण कर दिया था। मामले की चार्जशीट क्राइम ब्रांच ने नौ अप्रैल को पेश की थी। 

कठुआ कांड को लेकर एडवोकेट तालिब हुसैन सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि आठ वर्षीय बच्ची के साथ जो घिनौना अपराध किया गया है ऐसे में उसके लिए इंसाफ की आवाज उठाने वाले व्यक्ति को सुरक्षा दी जानी चाहिए। 

खासकर बच्ची के परिवार के सदस्यों को और उन लोगों को जो लगातार मामले को दबाए जाने से बचाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। इसी को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे।

तालिब ने बताया कि इसके बाद यह भी अर्जी दी जाएगी कि मामले की सुनवाई जम्मू संभाग में न हो। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में मामले की सुनवाई सुरक्षित नहीं है। ऐसे में किसी सुरक्षित जगह पर सुनवाई होनी चाहिए, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई जाएगी।
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दीपिका सिंह राजावत - फोटो : ANI
वहीं अब खबर आ रही है कि इस मामले में पीड़िता की ओर से केस लड़ रही वकील दीपिका सिंह राजावत को धमकियां मिल रही हैं। 

दीपिका ने रविवार को मीडिया के सामने आकर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस केस को छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। इस बीच उन्होंने यह भी बताया कि वह अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अपील करेंगी। 
 

I don't know till when I will be alive. I can be raped, my modesty can be outraged, I can be killed, I can be damaged. I was threatened yesterday that 'we will not forgive you'. I am going to tell SC tomorrow that I am in danger: Deepika S Rajawat, Counsel, Kathua victim's family pic.twitter.com/khXFELUqZe

— ANI (@ANI) April 15, 2018

उन्होंने बताया कि मैं नहीं जानती मैं कब तक जिंदा हूं। मेरा कभी भी रेप किया जा सकता है। भीड़ मुझे मार सकती है। मुझे नुकसान पहुंचा सकती है। मुझे शनिवार को ये धमकियां मिली थी। वो कह रहे थे कि मुझे नहीं छोड़ेंगे। मैं सोमवार को यह बताने सुप्रीम कोर्ट जा रही हूं कि मेरी जान को खतरा है।
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