जम्मू विश्वविद्यालय का नया प्रवेश द्वार बनेगा। इसमें डोगरी संस्कृति की भी झलक देखने को मिलेगी। नए प्रवेश की आधारशिला इस महीने रखी जाएगी। साथ ही 2024 में जम्मू विवि में विभिन्न बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। ये बात विवि के उप-कुलपति प्रो. उमेश राय ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में कही।
इस दौरान उप-कुलपति ने विश्वविद्यालय की वर्तमान पहल, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं के साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान नवाचार और छात्रों की सफलता के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संकाय के लिए विभिन्न क्षमता विकास कार्यक्रम के लिए सरकार ने पांच करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है।
साथ ही एनईपी के कार्यान्वयन के लिए भी अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजाइन योर डिग्री कार्यक्रम के संकाय को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विश्वविद्यालय बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर गंभीर है। जल्द ही इनोवेशन टावर, एक विशाल पार्किंग स्थल, पत्रकारिता विभाग के लिए भवन, शूटिंग रेंज, फ्लड लाइट और मुख्य द्वार पर काम शुरू होगा।
यूटी में ऑनलाइन मोड से अंग्रेजी और वाणिज्य में पूर्ण स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान करने वाला जम्मू विश्वविद्यालय पहला शैक्षणिक संस्थान है। इस दौरान डीन योजना प्रो. मीना शर्मा, डीन रिसर्च स्टडीज प्रो. नीलू रोहमेत्रा, रजिस्ट्रार प्रो व अन्य लोग मौजूद रहे।
अगले महीने जम्मू-कश्मीर विज्ञान कांग्रेस का आयोजन
विश्वविद्यालय फरवरी में महिला जम्मू-कश्मीर विज्ञान कांग्रेस का आयोजन कर रहा है। इससे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से महिला सशक्तीकरण के अपने संकल्प को दोहराएगा। इसके साथ ही तीन दिवसीय गूंज नामक फेस्टिवल होगा। इसमें प्रदेश के विश्वविद्यालय और जेयू के संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थी भाग लेंगे, जिसमें नृत्य, संगीत और खेल गतिविधियां होंगी। विश्वविद्यालय युवाओं को बुजुर्गों के साथ जोड़ने के लिए बुजुर्गों की बात युवाओं के साथ कार्यक्रम करेगा। इसके माध्यम से बुजुर्ग अपने जीवन के अनुभव को साझा करेंगे।