कश्मीर में उपद्रवियों के पास नई करेंसी की खेप पहुंचने लगी है। नोटबंदी के बाद पत्थरबाजी की थमी घटनाओं के फिर से शुरू होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इस बाबत जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में सुरक्षा एजेंसियों ने हिंसा और पत्थरबाजी की ताजा घटनाओं के मद्देनजर अलगाववादियों और उपद्रवियों के पास नई करेंसी की खेप पहुंचने की आशंका जताई है।
नई करेंसी के जाली नोट के मामलों की जांच भी तेज की गई है। स्कूलों को जलाने की घटनाएं फिर से शुरू होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने के बाद से कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी, हिंसक घटनाओं और स्कूलों को जलाने की घटनाओं पर ब्रेक लगा गया था।
दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में बच्चों की 98 फीसदी उपस्थिति से हालात सामान्य होने लगे थे। रियासत सरकार ने जलाए गए स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कर पठन-पाठन का माहौल फिर से कायम करने में सफलता भी पाई थी।
घाटी की हिंसा में जलाए गए थे 35 स्कूल
कश्मीर में हिंसा
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सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में हिंसा के दौर में 35 स्कूल जलाए गए। 11 स्कूल भवनों को क्षतिग्रस्त किया गया। इन घटनाओं में शामिल रहे 24 उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गांदरबल में 4, अनंतनाग में 5, कुलगाम में 6, बारामुला में 4, श्रीनगर में 5, कुपवाड़ा में 4, बांदीपोरा में 3, शोपियां में 2 और बडगाम में 2 स्कूल जलाए गए थे। इसी तरह, बडगाम में एक, बांदीपोरा में एक, कुपवाड़ा में 3, श्रीनगर में 3, कुलगाम में एक और गांदरबाल में 2 स्कूल भवनों को क्षतिग्रस्त किया गया है।
उपद्रवियों को नई करेंसी में भुगतान का सिलसिला शुरू
नई करेंसी में भुगतान
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अब अनंतनाग में रविवार को स्कूल जलाए जाने की ताजा घटना के बाद उपद्रवियों के नए ग्रुप के फिर से संगठित होने के संकेत मिले हैं। कुलगाम में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के दौरे के बाद भड़की हिंसा, त्राल में पत्थरबाजी और पट्ट्न में हंगामे की घटनाओं से संकेत मिले हैं कि उपद्रवियों को नई करेंसी में भुगतान का सिलसिला शुरू हो रहा है।
रेलवे नेटवर्क को भी फिर से पटरी से उतारने की कोशिशें शुरू हो गईं हैं। सोमवार को उपद्रवियों ने श्रीनगर और बडगाम के बीच रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है। अलगाववादियों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है।