जम्मू कश्मीर में 2022 में 99 हत्या के मामले दर्ज हुए। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वार्षिक अपराध रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार 2022 में हत्या की कुल 28,522 एफआईआर दर्ज की गईं। देश में हर दिन औसतन 78 हत्याएं रिपोर्ट हुईं। यानी हर घंटे तीन में एक हत्या का मामला देश में सामने आया। इससे पहले 2021 में 29,272 और 2020 में 29,193 हत्या के मामले दर्ज हुए। 2022 के हत्या के आंकड़ें पिछले दो सालों के मुकाबले कम है।
2022 में हत्या के सबसे अधिक मामलों में 9,962 मामलों में 'विवाद' कारण था। इसके बाद 3,761 मामलों में 'व्यक्तिगत प्रतिशोध या दुश्मनी' और 1,884 मामलों में 'फायदा' था।
केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 2022 में हत्या के 509 मामले दर्ज किए गए। पुडुचेरी में 30, चंडीगढ़ में18, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव में 16, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 7, लद्दाख में 5 और लक्षद्वीप में शून्य मामले दर्ज किए गए।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक मामले दर्ज
पिछले साल उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 3,491 एफआईआर की गईं, उसके बाद बिहार (2,930), महाराष्ट्र (2,295), मध्य प्रदेश (1,978) और राजस्थान (1,834) राज्य रहे। इन शीर्ष पांच राज्यों में हत्या के 43.92 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए।
एनसीआरबी के अनुसार, 2022 में सबसे कम हत्या के मामलों वाले शीर्ष पांच राज्यों में- सिक्किम (9), नागालैंड (21), मिजोरम (31), गोवा (44), और मणिपुर (47) थे।
पूरे भारत की बात करें तो 2022 में हत्या की दर झारखंड (4) में सबसे अधिक थी। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश (3.6), छत्तीसगढ़ और हरियाणा (दोनों 3.4), असम (3) और ओडिशा (3) थे।
प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश (1.5), बिहार (2.3), महाराष्ट्र (1.8), मध्य प्रदेश (2.3) और राजस्थान (2.3) का प्रदर्शन बेहतर रहा।
उम्र के संदर्भ में हत्या के 95.4 प्रतिशत पीड़ित वयस्क थे। एनसीआरबी के अनुसार, कुल हत्या पीड़ितों में से 8,125 महिलाएं और नौ तीसरे जेंडर के व्यक्ति थे। लगभग 70 प्रतिशत पीड़ित पुरुष थे।