राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां वरिष्ठ नेता डा. फारूक अब्दुल्ला मंगलवार को कोटरंका क्षेत्र के एक जियारत पर उर्स में भाग लेने राजोरी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहर के डाकबंगले में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और उन्हें पार्टी को मजबूत बनाने के लिए जन संपर्क के निर्देश दिए।
वहीं, पत्रकारों से बात करते हुए डा. फारूक ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि एम्स जम्मू और कश्मीर दोनों जगह खुलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 25 सांसदों को निलंबित किए जाने को गलत ठहराया।
एम्स की मांग पर जम्मू में शुरू किए गए जन आंदोलन को बिलकुल सही ठहराते हुए डा.फारूक ने कहा कि जम्मू की जनता के साथ धोखा हुआ है। इसलिए वे लोग अपने अधिकार के लिए आज सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू की जनता मजबूर होकर बंद कर रही है।
यदि हालात को खराब होने से बचाना है तो केंद्र सरकार को जल्द ही इस संबंध में कोई ठोस कदम उठाने होंगे। बंद से गरीब जनता का बहुत नुकसान हो रहा है। वहीं, डा. फारूक ने एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें जम्मू में धरना-प्रदर्शन के साथ -साथ केंद्र सरकार से बात भी करनी चाहिए।
कमेटी को चाहिए कि वह दिल्ली जा कर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करें व उनसे जम्मू में एम्स खोलने के लिए बात करें। वहीं डा. अब्दुल्ला ने कांग्रेस के 25 सांसदों को निलंबित किए जाने को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कदम उठाने से लोकतंत्र कमजोर होता है।
संसद में अपनी बात रखने व अपनी मांग उठाने का सबको अधिकार है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि निलंबित किए गए सभी सांसदों को तुरंत बहाल किया जाए।