रियासत की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने रविवार को केन्द्र सरकार से राजनीतिक मुद्दों पर समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ-साथ कश्मीर में अलगाववादी संगठनों के साथ बातचीत शुरू करने को कहा है।
पार्टी ने यह भी कहा कि घाटी में मौजूदा अशांति को महज कानून व्यवस्था की समस्या के तौर पर लेना हास्यास्पद होगा। स्थिति की समीक्षा के लिए कल यहां पहुंचे गृह मंत्री राजनाथ सिंह को इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री एवं इसके कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में नेशनल कॉन्फेंस के एक प्रतिनिधिमंडल ने सूचित कर दिया था।
गृह मंत्री को भेजे एक ज्ञापन में नेकां ने कश्मीर में समस्या को 'राजनीतिक समस्या के तौर पर' पहचानने में केंद्र की नाकामी पर गहरी निराशा जाहिर की, जहां आंतरिक और बाहरी दोनों स्तर पर राजनीतिक भागीदारी की जरूरत है।
पार्टी की ओर से कहा कि ऐसी स्थिति से निपटने में राज्य सरकार की लगातार नाकामी 'स्पष्ट और चौंकाने वाली है', घाटी में मौजूदा अशांति का विशुद्ध रूप से कानून व्यवस्था का मुद्दा कहना बेहद ही हास्यास्पद होगा।
कश्मीर में राजनीतिक भावनाओं से निपटने में 'लीक से हटकर विचार करने के बजाय' नयी दिल्ली की कोशिश और उनके जांचे परखे फॉर्मूले से हालात और बेकाबू हुए हैं और इससे लोगों में खासकर युवाओं में असंतोष और निराशा बढ़ी है जिनका दीर्घकालिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।