जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई।
जंतर-मंतर पर जुटे एनसी नेता और कार्यकर्ता
नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने किया। पार्टी नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की। सभी नेता सुबह 10 बजे 5, पृथ्वीराज रोड पर एकत्र हुए, जिसके बाद वे प्रदर्शन स्थल की ओर रवाना हुए।
उमर अब्दुल्ला ने संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सोमवार सुबह दिल्ली पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। इससे पहले वह जम्मू लौट आए थे, जहां उन्होंने पुंछ और राजोरी क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड व भारी बारिश से बने हालात की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की थी। प्रशासनिक तैयारियों और राहत कार्यों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री दोबारा दिल्ली पहुंचे और पार्टी के स्टैट्हुड आंदोलन में भाग लिया।
एनसी ने केंद्र से किया वादा पूरा करने की मांग
नेशनल कॉन्फ्रेंस नेताओं का कहना है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेता और विधायक हसनैन मसूदी ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी से जम्मू-कश्मीर में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोगों और देश के हित में नहीं है।
2019 में बदला था जम्मू-कश्मीर का दर्जा
बता दें कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित किया गया था। इसके बाद से ही नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कई राजनीतिक दल जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करते रहे हैं।
साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को बरकरार रखा था। केंद्र सरकार ने अदालत में कहा था कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा उचित समय पर बहाल किया जाएगा।