पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सरकार गठन के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किए जाने की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सत्ता की लोभी नहीं है।
वह अपनी विचारधाराओं से किसी प्रकार का समझौता नहीं कर सकती। न ही इस प्रकार के समझौते कर सत्ता में भागीदारी की इच्छुक है।
उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला ने काल्पनिक परिस्थितियों में और एक काल्पनिक सवाल के जवाब में सिर्फ इतना कहा था कि यदि भाजपा की ओर से कोई प्रस्ताव आता है तो उस पर पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक में फैसला किया जाएगा।