इस बार दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में बदलते जम्मू-कश्मीर की झांकी दिखाई गई। केंद्र शासित प्रदेश की झांकी की थीम इस बार नया जम्मू कश्मीर रखी गई थी। इसमें लोगों को श्री अमरनाथ बाबा बफार्नी की पवित्र गुफा के भी दर्शन करने का मौका मिला।
कर्त्तव्य पथ पर 26 जनवरी को प्रदेश की झांकी में जम्मू-कश्मीर की धरती से शुरू हुई बैंगनी क्रांति (लैवेंडर की खेती) की झलक सिर्फ देश नहीं बल्कि पूरा विश्व ने देखी। झांकी में लैवेंडर की खेती और इससे समृद्ध हुए किसानों की विकास यात्रा को दर्शाया है। झांकी में 2019 के बाद के नए जम्मू-कश्मीर को दिखाया गया है। इसमें संरचनात्मक विकास, डिजिटल परिवर्तन, दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल के साथ हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद, अमरनाथ गुफा, कश्मीर के ट्यूलिप गार्डन शामिल हैं।
गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार कुल 23 झांकियां शामिल हुईं। इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से रहीं, जबकि छह विभिन्न सरकारी मंत्रालयों और विभागों से रहीं। अधिकतर राज्यों की झांकियों की थीम नारी शक्ति रखी गई।
पश्चिम बंगाल की झांकी में दुर्गा पूजा को दर्शाया गया, जबकि असम की झांकी में अहोम जनरल लचित बोरफुकन और प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर को दिखाया गया। इन झांकियों के अलावा गृह मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय सीपीडब्ल्यूडी और संस्कृति मंत्रालय की झांकियां शामिल रहीं। सभी झांकियों का चयन रक्षा मंत्रालय की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने किया। गुरुवार, 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर निकाली जाने वाली इन झांकियों को 27 मिनट का समय दिया गया।