टंगधार में एलओसी पर शनिवार सुबह एक तरफ पाकिस्तानी सेना भारतीय चौकियों पर गोले बरसा रही थी, वहीं लगभग उसी दौरान पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाक सेना प्रमुख के गले मिलकर उनके कसीदे पढ़ रहे थे। सिद्धू पाकिस्तान में चल रहे प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में इमरान खान के बुलावे पर वहां गए हुए हैं। सिद्धू की इस्लामाबाद में "हग डिप्लोमेसी" को लेकर सोशल मीडिया में भारी किरकिरी हो रही है।
इमरान खान ने पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। उनके शपथग्रहण समरोह में हिस्सा लेने के लिए भारत से पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पहुंचे। समारोह में पहुंचे सिद्धू ने पाकिस्तानी सेना के चीफ कमर जावेद बाजवा के गले लगे। समारोह के दौरान उन्हें पीओके यानि पाक अधिकृत कश्मीर के प्रेसिडेंट मसूद खान के बगल में बैठाया गया। भारत और पाक के बीच पीओके को लेकर काफी सालों से विवाद जारी है। पीओके को भारत सरकार मान्यता नहीं देती है। सिद्धू के बाजवा से गले मिलने की देश में तीखी आलोचना हो रही है।
सिद्धू ने बाजवा को गले लगाकर अपनी पार्टी कांग्रेस को असहज कर दिया है। उनका ऐसा करना कांग्रेस के एक प्रवक्ता को पसंद नहीं आया। प्रवक्ता राशिद अल्वी ने एक चैनल पर कहा, 'यदि वह मुझसे सलाह लेते तो मैं उनको पाकिस्तान जाने से मना करता। वह दोस्ती के नाते गए हैं, लेकिन दोस्ती देश से बड़ी नहीं है। सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं और ऐसे में पाकिस्तान सेना के चीफ को सिद्धू का गले लगाना गलत संदेश देता है। भारत सरकार को उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। भारत सरकार की सहमति से वह पाकिस्तान गए हैं।'