पुलवामा हमले का एक और आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : ANI
पुलवामा हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने घटना के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मोहम्मद उमर फारूक के एक और मददगार मोहम्मद इकबाल राथर को गिरफ्तार किया है। उसे एनआईए की विशेष अदालत में गुरुवार को पेश किया गया, जहां उसे पूछताछ के लिए सात दिन की रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया गया। 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ पर हुए हमले में 44 जवान शहीद हुए थे। इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी है।
बताया जाता है कि पुलवामा हमले के जैश आतंकी मोहम्मद उमर फारूक अप्रैल 2018 को जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान से घुसा था। इसके बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से दक्षिण कश्मीर पहुंचा था। आईबी से कश्मीर तक पहुंचने में मोहम्मद इकबाल राथर ने उसकी मदद की थी। दक्षिण कश्मीर पहुंचने के बाद उमर ने स्थानीय सूत्रों की मदद से उस आईईडी को तैयार किया था, जिससे इस हमले को अंजाम दिया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इकबाल मैसजिंग एप के जरिए पाकिस्तान में बैठे जैश के आकाओं के लगातार संपर्क में था।
इकबाल राथर जैश से जुड़े एक अन्य मामले में वर्ष 2018 से ही एनआईए की न्यायिक हिरासत में है। जैश के परिवहन मॉड्यूल का सदस्य 25 साल का इकबाल बडगाम के चरार-ए-शरीफ का रहने वाला है।
29 फरवरी को पनाह देने वाला पकड़ा गया था
इससे पहले इसी वर्ष 29 फरवरी को एनआईए ने पुलवामा के हाजीबल काकापोरा से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाकिर बशीर मागरे को गिरफ्तार किया था। शाकिर ने आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार को एक साल तक अपने घर में पनाह दी और हमले में इस्तेमाल कार में आरडीएक्स लगाया था। शाकिर जैश का ओवरग्राउंड वर्कर था, जो पुलवामा के लेथपोरा में फर्नीचर की दुकान चलाता था। 2018 में जैश के पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद उमर फारूक ने शाकिर की मुलाकात डार से कराई। इसके बाद शाकिर जैश के लिए फुलटाइम काम करने लगा था।