धुआं उगलती ईंट भट्ठे की चिमनी (फाइल)
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पर्यावरण के लिए संवेदनशील जम्मू-कश्मीर में बिना अनुमति 132 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। इसके उलट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में इस प्रकरण में सुनवाई के दौरान कोई सक्षम अधिकारी जबाव देने के लिए शामिल नहीं हो सका। राज्य की प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव और दो क्षेत्रीय अधिकारी के तबादले इसकी वजह यह बताई गई। एनजीटी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। अब इस मामले में एनजीटी ने राज्य के प्रमुख सचिव पर्यावरण को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है।
एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की कोर्ट में इस मामले में दो फरवरी को सुनवाई हुई। आदेश में कहा गया है कि पूर्व में आदेश कर ईंट भट्ठों पर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट के साथ सदस्य सचिव, जम्मू कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति को शामिल होना था।
सुनवाई में प्रदूषण नियंत्रण समिति के विधि अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि सदस्य सचिव और दो क्षेत्रीय अधिकारी के तबादले हो गए हैं। ऐसे में सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं होने की वजह से वह सुनवाई में शामिल हुए हैं। एनजीटी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि प्रदूषण नियंत्रण समिति में कोई सक्षम अधिकारी ही मौजूद नहीं है।
एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि बिना अनुमति चल रहे 132 ईंट भट्ठों पर क्या कार्रवाई की गई? रिपोर्ट में कुछ भी नहीं बताया गया है। अब प्रमुख सचिव पर्यावरण को नोटिस जारी कर एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण समिति के कामकाज को ठीक करने और बिना अनुमति चल रहे ईंट भट्ठों पर की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट देेने को कहा है। आठ अप्रैल को अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले प्रमुख सचिव को अपनी रिपोर्ट देनी है।
570 ईंट भट्ठों में से 196 को ही अनुमति
एनजीटी ने आदेश में कहा है कि रिपोर्ट के मुताबिक पूरे जम्मू-कश्मीर में 570 ईंट भट्ठे हैं। इनमें से 196 को ही अनुमति मिली हुई है। बिना अनुमति के 132 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। 146 के बंद करने के आदेश समिति कर चुकी है। 147 ईंट भट्ठों की अनुमति के लिए आवेदन समिति में लंबित हैं। एनजीटी का कहना है कि बिना अनुमति और पर्यावरण नियमों का पालन किए कोई भी ईंट भट्ठा नहीं चलना चाहिए।