डीडीसी चेयरमैन को लेकर जोड़तोड़ तेज हो गई है। जम्मू संभाग में नेकां(नेशनल कांफ्रेंस) ने चार जिलों में अपना चेयरमैन बनाने का दावा किया है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी दूसरे दलों से संपर्क किया जा रहा है। कश्मीर संभाग में भी गुपकार गठबंधन से चेयरपर्सन पर चर्चा हो रही है। हालांकि, अभी आधिकारिक आरक्षण रोस्टर जारी न होने के कारण असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है। महिला सदस्यों को 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है।
नेकां के जम्मू संभाग के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि पार्टी किश्तवाड़, रामबन, राजोरी और पुंछ में अपने चेयरपर्सन बनाएगी। इसके साथ रियासी में हमारी भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जम्हूरियत का कत्ल किया जा रहा है। नेकां के कश्मीर के प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने कहा कि अभी आरक्षण पर स्थिति साफ न होने के कारण कोई अंतिम तैयारी नहीं की गई है। इस पर फैसला जल्द लिया जाएगा।
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प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष और उसके सहयोगी दलों को लाभ देने के लिए जानबूझकर आरक्षण रोस्टर को अभी तक जारी नहीं किया गया है, जबकि दूसरे राज्यों में चुनाव से पहले यह जारी किया जाता है। डीडीसी के चुनाव अंधेरे में करवाए गए हैं, चेयरपर्सन के लिए पहले क्यों नहीं मानदंड तय किए गए। राजनीतिक दलों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चुनाव के दस दिन बीत जाने के बाद भी विचित्र स्थिति बनी हुई है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए खरीद फरोख्त की जा रही है। चुनाव के बाद भी अब तक आरक्षण रोस्टर जारी न करना चुनाव प्रक्रिया पर सवाल है। इससे स्पष्ट ही नहीं हो रहा है कि कौन सा सदस्य कहां तय करना है। राजनीतिक दलों को यह करने का मौका नहीं दिया गया। कई जिलों में अगर महिला आरक्षण होता है तो कई जगह महिला सदस्य ही नहीं हैं।