कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए नई दिल्ली से शुरू हुआ सशस्त्र सेनाओं की महिला मोटरसाइकिल सवारों का दल कारगिल पहुंच गया है। दल ने करीब एक हजार किलोमीटर का अपना सफर पूरा कर लिया है।
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बुधवार को राइडर्स ने द्रास में कारगिल युद्ध में अपना सर्वोच्च बलिदान करने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि उनकी असाधारण उपलब्धि न केवल बहादुरी की भावना का प्रतीक है, बल्कि देश में महिलाओं के सशक्तिकरण का भी प्रतीक है। 25 सदस्यीय मोटरसाइकिल दल के यात्रा के दौरान कई कार्यक्रम हुए, जिसमें विद्यार्थियों और युवाओं को सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया।
राइडर्स ने विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान युवाओं को परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट जनरल जनरल वाईके जोशी की वीर गाथाएं सुनाईं। इसके साथ ही कर्नल संजीव सिंह जम्वाल के साथ पाकिस्तानी सेना से युद्ध लड़ने वाले कर्नल राजेश अधाउ की पत्नी दीपाली अधाउ ने युद्ध के किस्से सुनाए।
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दल को सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने 18 जुलाई को नई दिल्ली से रवाना किया था। द्रास में रैली को उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हरी झंडी दिखाई, जिन्होंने उनकी बहादुरी, उद्देश्य की भावना और राष्ट्र निर्माण में योगदान को सलाम किया।