पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस में मोदी द्वारा दिए गए पैकेज को मजाक बताया। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को पैकेज की नहीं सियासी हल की जरूरत है। उमर ने ट्विटर पर ट्वीट कर कहा है कि कश्मीर मुद्दों को रुपयों-पैसों में तौलकर गलत किया।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले उनके दौरे के बारे में बहुत कुछ कहा गया और बड़े एलान करने की उम्मीद जताई गई। यहां तक कहा गया कि इस दौरे का असर आने वाली कश्मीर की नस्लों के लिए भी काफी अहम होगा।
हमें भी बेसब्री से इंतजार था लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई। भाषण में तीन अल्फाज इस्तेमाल हुए इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत की वाजपेयी साहब के हवाले से बात हुई लेकिन जो हम सुनना चाहते थे वो नहीं हुआ।
कहां गई वो इंसानियत जब उधमपुर में हमारे एक शख्स को जिंदा जलाया गया। कहां गई इंसानियत दादरी, हिमाचल और हरियाणा के कांडों के बाद। उन्होंने कहा कि वहां आरएसएस को हथियारों समेत जुलूस निकालने की इजाजत दी जाती है लेकिन यहां जुलूस निकालने की बात करने वालों को हिरासत में ले लिया जाता है।