कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों को गतिविधियां चलाने में फंड के लाले पड़ गए हैं। इसके लिए अब नारको टेरेरिज्म का सहारा लिया जा रहा है। पीओके से भारी मात्रा में हेरोइन की तस्करी करके फंड जुटाया जा रहा है। ताकि आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके। इसके लिए आतंकी संगठन कश्मीर के कुपवाड़ा जिले की एलओसी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आतंकियों के साथ नारको की तस्करी भी हो रही है। पिछले चार महीने में एक हजार करोड़ रुपये की हेरोइन की तस्करी हो चुकी है। इनमें तीन बार तो सिर्फ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ही बड़ी कार्रवाई हुई है। एनसीबी ने 160 किलो हेरोइन पकड़ी है। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 750 करोड़ रुपये कीमत है। इसके पहले पुलिस की तरफ से भी लगभग 300 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी जा चुकी है।
सबसे अहम बात तो यह है कि पकड़े गए अधिकतर तस्कर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के ही रहने वाले हैं। कश्मीर से जम्मू पहुंचने वाली हेरोइन एलओसी पार से ही आ रही है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान में अफगानिस्तान से हेरोइन पहुंचती है। इसके बाद इसे भारत भेजा रहा है। इसके बदले आतंकी संगठन पैसे भी कमा रहे हैं और युवाओं को खोखला भी कर रहे हैं।