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जम्मू-कश्मीर : आतंकवाद से ज्यादा घातक हो रहा है नारको आतंकवाद, जारी हैं पाक के नापाक मंसूबे

Thu, 10 Mar 2022 02:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजय मीनिया, जम्मू

सार

2020 में नशे के 1132 और 2021 में 1560 केस दर्ज हुए, दो वर्ष में 4082 लोग गिरफ्तार हुए। पाकिस्तान हर साल सरहद पार से तीन हजार करोड़ से अधिक की हेरोइन भेज रहा है। 
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file pic..... - फोटो : साकिब नबी
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से ज्यादा घातक नारको आतंकवाद हो रहा है। पाकिस्तान प्रदेश के युवाओं को नशे के दलदल में धकेल रहा है। नशे में फंसे युवाओं के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर की सभी सरहदों से बड़े स्तर पर नशे की खेप जमीन और आसमान (ड्रोन के जरिये) से भेजी जा रही है। हालांकि कार्रवाई के लिए पुलिस, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, बीएसएफ, सेना काम कर रही हैं,

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बावजूद इसके ग्राफ बढ़ता जा रहा है।  जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में जम्मू-कश्मीर में नशे के 1132 मामले दर्ज हुए और 1672 लोग गिरफ्तार हुए। 2021 में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा। नशे के 1560 केस दर्ज हुए, 2410 लोग गिरफ्तार किए गए। यानी एक साल में नशे से संबंधित 432 मामले बढ़े और 850 ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए। 

साल के पहले दो महीने में 300 मामले दर्ज
अकेले श्रीनगर में मौजूदा वर्ष के पहले दो महीने में 78 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि जम्मू जिले में भी 20 मामले दर्ज हुए हैं। बताया जा रहा है कि साल के पहले दो महीने में जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के 300 मामले दर्ज हो चुके हैं। जो एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। 
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पिछले साल 170 किलो हेरोइन बरामद
प्रदेश में पिछले साल 170 किलो हेरोइन (चिट्टा) सिर्फ पुलिस ने ही बरामद की। 2020 में 150 किलो हेरोइन बरामद की गई। वहीं बीएसएफ, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सेना की ओर से एलीओसी और आईबी पर 2 हजार करोड़ से अधिक की हेरोइन बरामद की गई। 

यह हैं तस्करी के प्रमुख रूट
बारामुला, कुपवाड़ा, राजोरी और पुंछ की एलओसी, जम्मू, सांबा और कठुआ के बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान हेरोइन भेजता है। इसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। घुसपैठियों के जरिए हेरोइन भेजी जाती है। व्हाट्सएप और इंटरनेट कालिंग के जरिए नशा तस्करों और ओजी वर्करों को हेरोइन भेजने के बाद इसे रिसीव करने की लोकेशन बता दी जाती है। वह इसकी आगे आपूर्ति (सप्लाई) करते हैं। 

फ्री में देकर युवाओं को लगाई जाती है लत
जानकारी के अनुसार चिट्टा एक ऐसा नशा है, जिसकी लत लगने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। यदि इसको दो से तीन बार इस्तेमाल कर लिया जाए तो फिर इससे छुटकारा पाना बेहद मुश्किल है। नशा तस्कर युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए पहले दो से तीन बार फ्री में चिट्टा देते हैं। जब चिट्टे की लत लग जाती है तो फिर इसे बेचने पर भी मजबूर हो जाते हैं। 

नशेड़ी नहीं, अपराधी भी बना रहा नशा
जम्मू जिले में पिछले एक साल में चोरी की वारदातों में पकड़े गए 60 से अधिक युवाओं की केस हिस्ट्री कहती है कि वह हेरोइन और चरस-गांजा के आदी (एडिक्ट) हैं। वह नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने पर भी उतारू हो जाते हैं। यहां तक कि अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त हो जाते हैं। 

नशे का पैसा आतंक में लगा रहा पाकिस्तान
जानकारी के अनुसार हेरोइन की 1 ग्राम की डोज भी 1 हजार से 2 हजार रुपये की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत प्रति किलो 5 करोड़ रुपये है। पाकिस्तान हेरोइन के जरिए पैसा कमाता है। इसके बाद इसी पैसे को आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल करता है। 

बड़े स्तर पर पाकिस्तान नशे की खेप भेज कर प्रदेश के युवाओं को खोखला कर रहा है। तेजी से नशे की खेप भेजने के हर तरीके उसने अपनाए हैं। फिर चाहे ड्रोन के जरिए हो या फिर किसी अन्य तरीके से, लेकिन पुलिस सतर्क है और इन पर सख्ती से कार्रवाई का ही नतीजा है कि पिछले साल 1500 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं। 
-दिलबाग सिंह, डीजीपी जम्मू-कश्मीर पुलिस
 

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तस्कर गिरफ्तार

पुंछ जिले के मेंढर इलाके से मध्य प्रदेश के एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया गया है. उसके पास से करीब 1.9 किलो गांजा बरामद किया गया।
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