जम्मू। शहर में गहराए पानी के संकट पर नगर निगम का सदन दिनभर गरमाया रहा। बात की सुनवाई नहीं होने पर पार्षदों की ओर से सदन के बहिष्कार की चेतावनी तक दी गई। इसके अलावा शहवासियों की समस्याआें से जुड़े अन्य मुद्दों को भी पुरजोर तरीके से उठाया गया। इसमें अवैध बोरवेल मालिकों पर कार्रवाई और पानी के रिसाव को रोकने की मांग भी उठाई गई। ईरा पर सही ढंग से काम नहीं करने का आरोप लगाया गया।
सदन शुरू होते ही पार्षद संजय बारु ने जैसे ही पेयजल संकट से जुड़ी समस्या उठानी चाही तो उन्हें मौका नहीं मिला। इस पर उन्होंने बैठक का बहिष्कार करने तक की चेतावनी दे दी। इसके बाद पार्षदों ने समझाने के बाद समस्या को सदन में रखा और समाधान की मांग उठाई। अवैध बोरवेेल को हटाने और पानी के रिसाव को रोकने की भी मांग उठी। पार्षदों ने जलशक्ति विभाग पर सही तरीके से काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गर्मी में शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अवैध रूप से मोटरें लगाई जा रही है, जिससे पानी की समस्या बढ़ गई है।
वार्ड 47 की पार्षद शारदा कुमारी ने कहा कि गर्मी में पानी नसीब नहीं हो रहा है। टैंकरों से पानी मंगवाया जा रहा है। समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। विभाग सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने कहा कि नगर निगम के अधीन विभाग काम कर रहा है। पहले की अपेक्षा सुधार हुआ है। ढांचे में बदलाव लाया जा रहा है। वार्ड दो के पार्षद जगदीश ने कहा कि क्षेत्र में पानी का रिसाव बंद होना चाहिए। कई बार समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। पार्षद सुनीत कुमार ने कहा कि उत्साद मोहल्ला में पानी की पाइप के लिए एस्टिमेट तैयार किया गया है। लेकिन काम की प्रगति की जानकारी नहीं मिल रही है।
वार्ड पांच से डंपिंग साइट स्थानांतरित नहीं होने पर पार्षद ने किया बैठक का बहिष्कार
वार्ड पांच से डंपिंग साइट स्थानांतरित नहीं होने पर पार्षद गोपाल ने बैठक का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि वार्ड में मॉडल डंपिंग साइट बनाई जा रही है। यहां पर मंदिर हैं, जिस कारण साइट नहीं बननी चाहिए। वार्ड दो के पार्षद जगदीश ने भी समर्थन करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाद में पार्षदों की ओर से सदन के बाहर प्रदर्शन भी किया गया। मेयर ने कहा कि प्रस्ताव पास नहीं हुआ है। डंपिंग साइट अलग-अलग जगहों में बनाई जा रही हैं।