जम्मू नगर निगम जल्द ही दो सौ से ज्यादा दुकानों को खाली करवाएगा। इस संबंध में दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इन दुकानों का नए सिरे से आवंटन होगा। आवंटित दुकानों को आगे किराये पर देने के मामले का नगर निगम ने कड़ा संज्ञान लिया है। इससे निगम को नुकसान हो रहा है।
नगर निगम के अनुसार वर्षों पहले व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लोगों को रोजगार चलाने के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन लोगों ने ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में दुकानों और प्रतिष्ठानों को दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया है। जब भी नगर निगम जांच करती है, तो संबंधित लोग दस्तावेज नहीं दिखा पाते हैं। जबाव मिलता है कि यह प्रतिष्ठान उनके रिश्तेदार ने किराये पर दिया है। नगर निगम को मौजूदा बाजार दर के हिसाब से किराया भी नहीं मिल रहा है, जिससे राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसके अलावा कुछ आवास कर्मचारियों को आवंटित किए गए हैं, जिन्हें भी उन्होंने किराये पर दे दिया है। हर जगह नियमों का उल्लंघन होने पर निगम सख्त हो गया है। जून में समय पूरा होने के बाद कार्रवाई आरंभ हो जाएगी। इससे पहले गांधी नगर में दो से तीन मामलों में आवासों को खाली करवाया जा चुका है।
व्यापारिक प्रतिष्ठान को खाली करवाने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतें मिल रही हैं कि जिन्हें व्यापारिक प्रतिष्ठान आवंटित किए हैं उन्होंने उन्हें आगे किराये पर चढ़ा दिया है। यह नियमों के विपरीत है। इन व्यापारिक प्रतिष्ठानों को खाली करवाया जाएगा।
- चंद्र मोहन गुप्ता, मेयर, नगर निगम
नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिसे अनुमति मिली है, उसकी जगह दूसरा काम नहीं कर सकता है। कई जगहों में ऐसे मामले सामने आए हैं। इन व्यापारिक प्रतिष्ठानों को खाली करवाया जाएगा।
- अतुल गुप्ता, सचिव, नगर निगम