कश्मीर घाटी में आतंकी घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए बीएसएफ पूरी तरह से सतर्क है। कश्मीर फ्रंटियर के आईजी विकास चंद्रा ने कहा कि हम सभी उन जवानों को जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जानें कुर्बान की या जो अभी भी देश की सेवा में जुटे हुए हैं, हम उनकी देश भक्ति और बहादुरी को सलाम करते हैं।
पहली दिसंबर, 2016 को बीएसएफ के 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चाहे एलओसी हो, अंतरराष्ट्रीय बार्डर या फिर कोई भी ड्यूटी, बीएसएफ जवानों ने सही ढंग से ड्यूटी को अंजाम दिया। 1965 में 25 बटालियन से शुरू होकर आज बीएसएफ की 186 बटालियन हैं।
आईजी ने कहा कि घाटी में इस वर्ष करीब 32 सीजफायर की घटनाएं हुई हैं और 190 बार पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय एफडीएल (फॉरवर्ड डिफेंस लाइन) को 81 एमएम मोर्टार, राकेट लांचर, मशीनगन आदि जैसे हथियारों से निशाना बनाया।
'हम मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार'
IG BSF विकास चंद्रा
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उन्होंने बताया कि पिछले 3 महीने के भीतर ही बीएसएफ एफडीएल पर दो बार आतंकी हमला हुआ, जिसे नाकाम बनाया। आईजी के अनुसार इस वर्ष बीएसएफ के नौ जवान शहीद हुए, जबकि 18 अन्य घायल हुए।पत्रकारों द्वारा पकिस्तान में नए आर्मी चीफ की नियुक्ति पर आईजी ने कहा कि अभी तो उन्होंने पद संभाला है।
उन्हें टाइम दिया जाए तभी उनके मिजाज का पता चल पाएगा। बाकी उम्मीद रखते हैं कि ठीक हो। नगरोटा हमले पर उन्होंने कहा कि हालात मुश्किल हैं और इस दौरान ऐसे हमले हो सकते हैं, लेकिन हम मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं।
'बैट एक्शन हुआ, तभी जवानों के शवों से हुई छेड़छाड़'
पाकिस्तानी की 'खूनी टुकड़ी' BAT
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उन्होंने इस बात को माना कि पिछले कुछ हमलों में उन्हें नुकसान हुआ है, लेकिन उन्होंने कहा कि यह तो ड्यूटी का ही एक हिस्सा है। चंद्रा ने कहा कि सीजफायर की आड़ में घुसपैठ की कोशिशें भी होती हैं, जिन्हे नकारा बनाया गया।
बैट हमले पर उन्होंने कहा कि बैट हमले पहले भी होते रहे हैं, इस बार भी हुए होंगे, तभी जवानों के शवों के साथ बर्बरता की गई थी। उन्होंने कहा कि इस बात को नकारा नहीं जा सकता की स्नाइपिंग के प्रयासों में बढ़ोतरी हुई है।