बेशक कश्मीरी पंडित कश्मीर से विस्थापित होकर जम्मू आ गए हों, लेकिन कश्मीर के मुस्लिमों के दिलों में अब भी कश्मीरी पंडितों के लिए दर्द है। इसका उदाहरण रविवार को काजीगुंड में देखने को मिला।
यहां एक कश्मीरी महिला की मौत के बाद अर्थी को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कंधा दिया और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भी किया। महिला के पति की एक साल पहले ही मौत हो चुकी है। काजीगुंड के लेवदोरा की रहने वाली नैंसी कौल की रविवार को बीमारी के चलते मौत हो गई।
एक साल पहले नैंसी के पति काका कौल की भी मौत हो गई थी। नैंसी के चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। बच्चों के अनाथ होने के बाद पूरा मोहल्ला बच्चों की मदद के लिए आगे आ गया।
मृतका के अंतिम संस्कार के लिए समुदाय के तमाम लोग जमा हो गए और उसकी अर्थी को अपने कंधों पर उठाकर ले गए और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। संस्कार का सारा बंदोबस्त समुदाय के लोगों ने मिलकर किया और बच्चों के रहने और खाने-पीने की जिम्मेदारी भी उठाई है। पूरे हिंदू रीति-रिवाज के तहत उसका संस्कार किया गया।