अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लगाए जाने वाले लंगर की व्यवस्था के लिए मुस्लिम समुदाय बढ़-चढ़कर आगे आया है। जम्मू संभाग ईंट भट्ठा मालिकों की ओर से लगाए जाने वाले इस लंगर के लिए मुस्लिम समुदाय ने नाशरी के पास हाईवे के किनारे जमीन देकर अपना योगदान दिया है।
यूनियन के महासचिव प्रभुदयाल गुप्ता ने बताया कि 28 जून से यात्रा के समापन तक लंगर लगाया जाएगा। यह 17वां लंगर होगा। यूनियन की ओर से पहले कुद में लंगर लगाया जाता था। इस बार चिनैनी-नाशरी टनल के बन जाने से यात्रा का मार्ग कुद से न होकर टनल से ही होगा। इसके चलते भट्ठा मालिकों को लंगर लगाने के लिए हाईवे के किनारे जमीन की तलाश थी। चिनैनी से पहले उधमपुर तक हाईवे को फोर लेन बनाने को लेकर चल रहे काम के कारण कोई भी उपयुक्त स्थान लंगर लगाने को नहीं था।
इसलिए लंगर को टनल के उस पार नाशरी के पास लगाने का फैसला लिया गया। जब वह लोग नाशरी में जमीन की तलाश में जुटे थे तो वहां के मुस्लिम समुदाय ने हाईवे के किनारे की बनाई गई मस्जिद के साथ ही लंगर लगाने को जमीन मुहैया करवाई। उन्होंने बताया कि समुदाय के लोगों की ओर से उन्हें भरोसा दिलाया कि वह लंगर में सेवा को भी पूरा सहयोग देंगे।