देश में फैली कोरोना महामारी के बीच कश्मीर के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। गांदरबल में पंजाब के एक जाट सिख बढ़ई की मुत्यु के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उसका पूरे रीति-रिवाज के साथ दाह संस्कार किया। मृतक के भाई ने लोगों का शुक्रिया अदा किया।
जानकारी के अनुसार गांदरबल जिले के वारपोरा इलाके में पंजाब के रहने वाले एक जाट सिख राकेश सिंह की मृत्यु हो गई। राकेश गांदरबल में करीब दस वर्षों से भी ज्यादा समय से अपने भाई के साथ किराए के मकान में रहते थे। वह यहां बढ़ई का काम करते थे। इस कोरोना महामारी के दौरान मृत्यु होने पर उनका शव पंजाब ले जाने में काफी दिक्कत हो रही थी। इसलिए भाई ने गांदरबल में ही दाह संस्कार करने का फैसला लिया।
एसओपी के तहत डॉक्टरों की जांच
राकेश की मृत्यु के बाद भाई ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी। कोरोना को लेकर जारी एसओपी के तहत डॉक्टरों ने दाह संस्कार से पहले शव की जांच की। क्लीयरेंस के बाद अंतिम संस्कार करने की अनुमति मिली।
मुस्लिमों ने दिया कांधा
राकेश के भाई ने बताया कि इस मुश्किल घड़ी में यहां के लोगों ने जो साथ दिया वो सराहनीय है। लोगों ने पूरी सहानुभूति दिखाते हुए उसे हर संभव मदद की। मुस्लिम समुदाय के लोगों अंतिम यात्रा में कांधा भी दिया। मंत्रोच्चारण के बाद दाह संस्कार किया गया।