जनरल परवेज मुशर्रफ और उनके सुझावों की तारीफ करते हुए कश्मीर समिति के अध्यक्ष राम जेठमलानी कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं कर सकता। श्रीनगर में शनिवार को जेठमलानी ने कहा कि आगरा समझौते के दौरान कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए मुशर्रफ के सुझाव सबसे अच्छे समाधान थे।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुशर्रफ उस समय एक नेक नीति के साथ भारत के दौरे पर आए थे, लेकिन भारत द्वारा उनके प्रयासों को हतोत्साहित किया गया। पत्रकारों से बात करते हुए जेठमलानी ने मुशर्रफ को कश्मीर मुद्दे पर उनके द्वारा गठित किए गए सुझावों के लिए उन्हें इनाम का हकदार भी माना।
'धारा 370 से छेड़छाड़ पर बिगड़ेंगे घाटी के हालात'
जेठमलानी ने कहा कि मैंने जब वह सुझाव पढ़े तो हैरान रह गया। हालांकि, मैं शासकों को पसंद नहीं करता, पर मुशर्रफ के सुझाव मुझे ऐसे लगे कि मुझे यह लगा कि पाकिस्तान और भारत दोनों देशों को मुशर्रफ को इस काम के लिए इनाम देना चाहिए।
अनुच्छेद 370 पर बात करते हुए जेठमलानी ने कहा कि यह अनुच्छेद एक ऐसी चीज है, जिसको कोई नहीं छेड़ सकता क्योंकि कश्मीर का संविधान खुद भारत के संविधान से निकाला गया है।
इसमें कोई भी संशोधन अब संभव नहीं क्योंकि वह जो विधानसभा द्वारा किया जाता वह अब मौजूद नहीं और जो भी अनुच्छेद 370 को छेड़ेगा वह घाटी में हालात को खराब करने का इरादा रखता है।
'वह सभी पाकिस्तानी एजेंट नहीं हैं'
जेठमलानी के अनुसार उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कही, जिसके बाद से भाजपा ने मोदी के कहने पर अनुच्छेद 370 पर खामोशी साधने का निर्णय लिया।
हालांकि, इस मुद्दे को लेकर उनका यह भी कहना था कि पीएमओ में राज्यमंत्री का ओहदा संभाले डाक्टर जितेंद्र सिंह, जिन्होंने अनुच्छेद 370 को लेकर एक मुहिम छेड़ी थी, को भी मोदी द्वारा चुप्पी साधने के आदेश दिए गए।
हुर्रियत और अन्य कट्टरपंथी सोच रखने वाले सभी नेताओं के साथ अलगाववादी शब्द के प्रयोग को जेठमलानी सही नहीं ठहराते हैं। उन्होंने कहा कि यह समझना सही नहीं कि वह सभी पाकिस्तानी एजेंट हैं, बल्कि समय के साथ कई भारत के पक्ष में भी हैं।