कठुआ जिले के बसोहली में रावी दरिया पर बने रियासत तथा उत्तर भारत के पहले केबल स्टेड ब्रिज के लोकार्पण का मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद तथा उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह साक्षी नहीं बनेंगे। दोनों वीरवार को श्रीनगर में होंगे।
मुख्यमंत्री पिछले दो दिनों से श्रीनगर में हैं। डिप्टी सीएम भी वीरवार को श्रीनगर जा रहे हैं। उन्होंने स्वयं इस बात की पुष्टि की कि वे लोकार्पण समारोह में नहीं रहेंगे।
श्रीनगर में एक बैठक होने के चलते उनका रह पाना संभव नहीं है। हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा कि पुल के बन जाने से रियासत के विकास तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस तथा विभिन्न नेताओं की ओर से पुल निर्माण का श्रेय लिए जाने की होड़ मची है तो कहा कि यह देश का पुल है।
स्थानीय विधायक तथा जिन्होंने भी इसके लिए संघर्ष किया उन सबको श्रेय जाता है। पहले रियासत का एक गेट वे लखनपुर था। अब दो गेट वे हो जाने से विकास को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
इसे लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हैं। चर्चा है कि कैबिनेट मंत्रियों की आपसी खींचतान ही लोकार्पण समारोह से दूरी की वजह बनी है।
हालांकि, भाजपा से जुड़े कुछ मंत्रियों तथा विधायकों के समारोह में शामिल होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक चौधरी लाल सिंह पिछले कई दिनों से तैयारियों को मुकम्मल करने में जुटे हुए हैं।