रियासत की गठबंधन सरकार ने पूर्ववर्ती नेकां-कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के फैसलों की समीक्षा शुरू कर दी है। नियमों की अनदेखी तथा मनमाने ढंग से जमीन आवंटित करने के मामले में सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के फैसलों को पलटते हुए 150 प्लाटों का आवंटन रद कर दिया है। साथ ही बिना नियम कायदे के जमीन आवंटित करने पर जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) के तत्कालीन वीसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की हिदायत दी है।
सूत्रों का कहना है कि जेडीए में तमाम अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद डिप्टी सीएम तथा आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने पिछले दिनों जेडीए बोर्ड की बैठक बुलाई। यह बैठक लगभग पांच साल बाद हुई। बैठक में पाया गया कि शहर के पॉश इलाकों में लगभग 150 प्लाट बिना औपचारिकताएं पूरी किए आवंटित कर दिए गए।
इनमें न तो टेंडर संबंधी औपचारिकता पूरी की गई और न ही अन्य नियम कायदों का ध्यान रखा गया। इस गंभीर अनियमितता पर मंत्री ने मनमाने ढंग से आवंटित सभी प्लाटों के आवंटन रद कर दिए। बताते हैं कि जिन लोगों को प्लाट आवंटित किए गए हैं उनमें काफी रसूख वाले लोग भी हैं।
इनकी पिछले सरकार में पहुंच भी रही है। सूत्रों का कहना है कि इस भारी गड़बड़ी के लिए डिप्टी सीएम ने तत्कालीन जेडीए वीसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए।
और भी मामले खंगाले जा रहे
सूत्रों का कहना है कि नियमों की अनदेखी कर अन्य संपत्तियों के आवंटन की भी जांच चल रही है। ऐसे मामले खंगाले जा रहे हैं जहां गड़बड़ी की गुंजाइश हो। सरकार के इस कदम से जेडीए में हड़कंप मचा हुआ है।
प्लाट के आवंटन में गड़बड़ी की गई थी। सभी प्लाटों के आवंटन रद कर दिए गए हैं। साथ ही पूर्व वीसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया है। सेवानिवृत्त होने के बाद भी गड़बड़ी करने वाले को बख्शा नहीं जा सकता है।
- डॉ. निर्मल सिंह, डिप्टी सीएम