पाकिस्तान से रिश्तों में बढ़ रहे तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर सरकार ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की यात्रा के लिए परमिट व्यवस्था खत्म करने की कवायद शुरू की है। मुफ्ती मोहम्मद सरकार पीओके से व्यापार बढ़ाने के हक में है।
साथ ही वस्तु विनिमय व्यापार की जगह बैंकों के जरिए भुगतान की व्यवस्था के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से सिफारिश की गई है। व्यापार के लिए तय सूची में विस्तार के लिए भी प्रयास तेज हुए हैं।
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर से पीओके की यात्रा के लिए पासपोर्ट विभाग द्वारा परमिट जारी किया जाता है। यह सुविधा उन परिवारों के लिए है जो देश विभाजन के बाद एलओसी के दोनों ओर बंट गए थे।
परस्पर रिश्तेदारों के घर जाने के लिए जारी परमिट के तहत एक साल में तीन बार यात्रा की सुविधा दी जाती है। इसमें वापसी की अवधि भी निर्धारित होती है।
जम्मू-कश्मीर से पीओके जाने वाले कश्मीरी समय पर लौट आते हैं लेकिन पीओके से कश्मीर आने वाले लोग यहां के बेहतर माहौल के कारण भारतीय हिस्से में अधिक दिनों तक रहना चाहते हैं। पीओके के लोगों से यात्रा अवधि में विस्तार के आवेदन लगातार मिलते रहते हैं।