मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का वीरवार को सुबह दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया। वे 80 साल के थे। शाम को पुश्तैनी गांव अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा में राजकीय सम्मान के साथ मुफ्ती को सुपुर्दे खाक किया गया।
इससे पहले दिल्ली में पालम हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी उनके साथ थे। राजनाथ सिंह श्रीनगर भी आए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एम्स पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्य सरकार ने सात दिन का राजकीय शोक घोषित करते हुए वीरवार को अवकाश घोषित किया। इस दौरान सभी सरकारी आयोजनों को स्थगित कर दिया गया है।
कश्मीर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं हैं। मुफ्ती की बेटी और पीडीपी अध्यक्ष सांसद महबूबा मुफ्ती का मुख्यमंत्री बनना तय है। पीडीपी नेताओं ने इस बाबत राज्यपाल को समर्थन पत्र भी सौंप दिया है।
बिजबिहाड़ा स्थित पातशाही बाग कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक हुए
मुफ्ती के निधन से रियासत में हर तरफ मातम का माहौल है। बिजबिहाड़ा स्थित पातशाही बाग कब्रिस्तान में हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने चहेते नेता को अंतिम विदाई दी। इससे पहले दो बार जनाजे की नमाज पढ़ी गई।
पहली श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में और उसके बाद बिजबिहाड़ा स्थित दारा शिकोह पार्क में मुफ्ती जियाउलहक नजमी ने जनाजे की नमाज पढ़ाई। इस मौके पर रियासत के तमाम मंत्री, मुफ्ती के बेटे तसादक सईद, विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता और प्रशासनिक अफसर मौजूद थे।
वीरवार को दोपहर बाद भारतीय वायुसेना के विमान से मुफ्ती का पार्थिव शरीर नई दिल्ली से श्रीनगर पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में पीडीपी वर्कर मौजूद थे। दोपहर ढाई बजे गुपकार स्थित सीएम निवास पर उनका शव पहुंचा। यहां भी लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
दो बार जनाजे की नमाज पढ़ी गई
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल एनएन वोहरा, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज सहित शीर्ष नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
दोपहर 4.30 बजे सीएम निवास से मुफ्ती का शव सीधा उनके पैतृक गांव बिजबिहाड़ा ले जाया जाना था, लेकिन, पीडीपी वर्करों की मांग पर उन्हें शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम ले जाया गया। यहां उन्हें गार्ड आफ आनर दिया गया। शाम 5.30 बजे उनका शव वाहनों के काफिले के बीच श्रीनगर से बिजबिहाड़ा के लिए रवाना हुआ।
मुफ्ती के शव पर तिरंगे के साथ स्टेट फ्लैग भी लपेटा गया था। बिजबिहाड़ा के दारा शिकोह पार्क में विशेष मंच लगाया गया था। यहां हजारों लोग शाम साढ़े छह बजे मुफ्ती का पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। शाम 6.45 बजे दूसरी बार जनाजे की नमाज पढ़ी गई। इसके बाद उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया।