छह महीने में मुकम्मल होगा निर्माण कार्य, गांव चक मियां सुखा सिंह में लगेगा कचरा निस्तारण प्लांट
शहर के एक हजार घरों से चार ऑटो से रोजाना तीन टन उठाया जा रहा कचरा
बिश्नाह। नगरपालिका को अगले छह महीने में एमआरएफ (मेटीरियल रिकवरी फेसिलिटी) की सुविधा मिलने से बिश्नाह कस्बे को कचरे से निजात मिल जाएगी। ब्लॉक के गांव चक मियां सुखा सिंह में 62 लाख रुपए की लागत से एमआरएफ का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
नगरपालिका की टीम ने एमआरएफ के निर्माण कार्य की निशानदेही कर दी है। ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इस समय शहर के एक हजार घरों से रोजाना तीन टन कचरा चार ऑटो से उठाया जा रहा है। इसे ट्रक में भरकर सांबा भेजा जा रहा है। रोजाना दो ट्रक कचरा सांबा पहुंचाया जाता है। रोजाना के कचरे के ट्रक के साथ दो मुलाजिमों को भेजा जाता है। कचरे को सांबा पहुंचाने के लिए समय की बर्बादी के अलावा आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
शहर में कचरा कई बार दो ट्रक से ज्यादा होने पर सांबा में कचरा भेजने के बावजूद शहर के सार्वजनिक जगहों पर गंदगी के ढेर लग जाते हैं। एमआरएफ की सुविधा न होने से नगरपालिका को कचरे की समस्या से जूझना पड़ रहा है। शहर से रोज निकलने वाला कचरा एमआरएफ तक पहुंचाया जाएगा। इसके चलते शहर में गंदगी के ढेर नहीं लगेंगे। नगर पालिका की तरफ से एमआरएफ की सुविधा मिलने के बाद ज्यादा से ज्यादा घरों को ऑटो के साथ जोड़ा जाएगा।
तीन दिन पहले डीसी जम्मू ने किया था बिश्नाह कस्बे का दौरा
तीन दिन पहले डीसी जम्मू सचिन कुमार वैश्य ने बिश्नाह कस्बे का दौरा किया था। उन्होंने अस्पताल के बाहर जमा गंदगी के ढेर को देखने के बाद नगरपालिका को फटकार लगाई थी। इसके बाद उन्होंने कचरे के निस्तारण के बारे में पूछा था। इसके चलते नगर पालिका के अधिकारी ने कचरे को सांबा ले जाने की बात कही थी। डीसी के एमआरएफ के निर्माण कार्य के बारे में पूछने पर उन्होंने तत्काल एमआरएफ का निर्माण कार्य करने का निर्देश दिया था। संवाद
एमआरएफ के निर्माण कार्य को शुरू कर दिया है। अगले छह महीने में ठेकेदार को निर्माण कार्य मुकम्मल करने के लिए कहा है। एमआरएफ की सुविधा मिलने से कचरे की समस्या से निजात मिल जाएगी। शहर का कूड़ा निस्तारण होने से नगरपालिका का राजस्व भी बढ़ेगा।
शशि शर्मा, ईओ नगरपालिका बिश्नाह