जम्मू। कौशल विकास विभाग जम्मू-कश्मीर ने मंगलवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जम्मू के साथ समझौता (एमओयू) किया। इसका उद्देश्य नवीनतम तकनीकों के साथ छात्रों और कर्मचारियों के लिए कौशल और रोजगार बढ़ाना है। कौशल विकास विभाग के प्रधान सचिव डॉ. असगर हसन समून, निदेशक कौशल विकास विभाग सज्जाद हुसैन गनई और निदेशक आईआईटी जम्मू प्रो. मनोज एस गौर ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रधान सचिव ने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य आईआईटी जम्मू के सहयोग से पॉलिटेक्नीक और आईटीआई क्षेत्र का कायाकल्प करना है। सुरंगों, रेलवे, बिजली परियोजनाओं, कोल्ड स्टोरेज आदि आगामी परियोजनाओं में कौशल की मांग को ध्यान में रखते हुए नए क्षेत्र विशेष प्रशिक्षण कौशल की शुरुआत करना है।
प्रधान सचिव ने संबंधित अधिकारियों को छात्रों को इस तरह प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए कि वे अपने पाठ्यक्रमों के सफल समापन के बाद नौकरी प्राप्त करेंगे। निदेशक कौशल विकास ने कहा कि गवर्नमेंट पॉलिटेक्नीक कॉलेज जम्मू ने टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड पुणे की मदद से उद्योग 4.0 के अनुरूप विनिर्माण उद्योग में नवीनतम रुझानों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक सेंटर फॉर इन्वेंशन इनोवेशन इंक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) की स्थापना की है। निदेशक आईआईटी जम्मू ने कहा कि दोनों संस्थान एक-दूसरे को अनुसंधान कार्य के लिए अपने बुनियादी ढांचे और विभिन्न प्रयोगशालाओं/कार्यशालाओं का उपयोग करके संस्थागत विनिमय को बढ़ावा देने की अनुमति देंगे।